Short Moral Stories Hindi for Class 10 इंसान की सोच

Short Moral Stories In Hindi For Class 10

Short Moral Stories In Hindi For Class 10 :-

एक लड़का था जिसका नाम रोहन था। बहुत ही मेहनती था। वह प्रतिदिन स्कूल जाया करता था। कक्षा दसवीं में अच्छे नंबर से पास करने के बाद ग्यारहवीं में एडमिशन लिया और मन लगाकर पढ़ाई करने लगा। उसका सपना था कि वह आर्मी अफसर बने।

किसी कारणवश कक्षा ग्यारहवीं की अंतिम परीक्षा में अच्छे मार्क्स नहीं ला पाया। जिसके कारण उसके पड़ोस के अंकल ने कहा – तुम कभी कुछ नहीं कर सकते हो। पड़ोसी अंकल के इस छोटी सी बात को रोहन अपने दिल से लगा लिया। और रोहन अपने सपने से टूटता गया।

अब तो स्कूल भी जाना कम कर दिया रोहन को इस प्रकार देख उसके पापा ने उसे समझाया फिर भी रोहन का व्यवहार नहीं बदला। एक दिन रोहन स्कूल में बैठा हुआ था और प्रोफ़ेसर क्लास में पढ़ाने गए। प्रोफ़ेसर ने अपने हाथ में डस्टर उठाई और पूछा – रोहन यह डस्टर का वजन कितना होगा। रोहन बोला लगभग 300 ग्राम।

प्रोफ़ेसर बोले – अगर मैं इसको 1 घंटे पकड़े रहूंगा तो क्या होगा।

रोहन बोला – कुछ नहीं। 

प्रोफेसर बोले 4 घंटे पकड़ा रहूं तो। रोहन बोला – हाथ में दर्द होने लगेगा।

प्रोफ़ेसर बोले पूरे 1 दिन पकड़ा रहा तो।

रोहन बोला आपको बहुत दर्द होगा और शायद आप बर्दाश्त ना कर पाए।

प्रोफ़ेसर बोले यदि 2 दिन पकड़ा रहा तो। 

रोहन बोला – शायद आपकी हाथ काम करना बंद कर देगा और उसे आपके शरीर से अलग करना पड़ सकता है।

प्रोफेसर ने रोहन को समझाते हुए कहा ठीक इसी प्रकार यदि छोटे-छोटे बातों को लेकर अपने दिमाग में बैठाए रहोगे तो कुछ भी करने से पहले तुम्हारा ध्यान उस छोटी सी बात पर पहले जाएगा। तुम अपने भविष्य में कभी आगे नहीं बढ़ सकते। तुम्हें इन छोटी-छोटी बातों को भूलकर और उस बात से सीख लेकर अपने लक्ष्य को हासिल करने में लगे रहना चाहिए। वक्त लगता है

रोहन प्रोसेसर के बातों को समझ गया और उसने फिर मन लगाकर पढ़ना जारी रखा। दोस्तों हमारे जीवन में हमारी कार्यों को लेकर इस प्रकार की बातें बोलने वाले बहुत सारे लोग मिलते रहते हैं। हम उनकी सोच को नहीं बदल सकते लेकिन हमें उन बातों को कुछ समय तक रखने के बाद उसे भूल कर अपने लक्ष्य की तरफ आगे बढ़ना चाहिए। 

 

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