Short Hindi Moral Stories भाग्य बड़ा या परिश्रम

Short Hindi Moral Stories

Short Hindi Moral Stories – 

एक गांव में एक बहुत ही विद्वान पुरुष रहते थे। उस गांव के सभी लोग उस विद्वान व्यक्ति को अपना आदर्श मानते थे। गांव के किसी व्यक्ति को जब भी कोई समस्या आता तो उस व्यक्ति के समस्या को विद्वान पुरुष अपने सूझबूझ के साथ समाधान निकाल देते। जिससे उस विद्वान पुरुष की लोकप्रियता दिन प्रतिदिन बढ़ता गया।

उसी गांव में सुरेश नाम का एक ईर्ष्यालु व्यक्ति रहता था। जो कि बहुत ही आलसी किस्म का व्यक्ति था और अपने आप को बहुत बड़ा बुद्धिमान समझता था। सुरेश विद्वान पुरुष से बहुत ही जलता था जिसके कारण विद्वान पुरुष की हमेशा बेइज्जती करना चाहता था। Short Hindi Moral Stories

एक दिन उसने सोचा आज गांव वालों के सामने विद्वान पुरुष को गलत साबित कर उनका मजाक बनाएंगे। उसने एक योजना बनाई की अपने हाथ में एक तोता लेकर जाऊंगा और विद्वान पुरुष से पूछूंगा की यह तोता जिंदा है या मुर्दा। यदि उस पुरुष ने बोला जिंदा है, तो मैं इसे हाथ में ही दबाकर मार दूंगा। और यदि बोला मुर्दा है। तो मैं इसे जिंदा छोड़ दूंगा। गरीब छात्र

यह सोचकर पुरुष के पास गया और अपना सवाल रखा। बोला हे विद्वान पुरुष अगर आप अपने आप को विद्वान मानते हो तो आप मुझे बताइए कि या तोता जिंदा है या मुर्दा। Short Hindi Moral Stories

विद्वान पुरुष ने बड़े ही सामान्य शब्दों में कहा बेटा यह तो तेरे हाथ में है तू चाहे तो जिंदा है और तू कुचल दे तो वह मुर्दा है। यह सुनकर सुरेश लज्जित हो गया। 

दोस्तों इस कहानी से यह सीख मिलती है कि हमारा भविष्य हमारे हाथ में है। हम जैसे अपने भविष्य को बनाएंगे वह वैसे ही बनता जाएगा। जैसा कि वह तोता हमारा भविष्य था और वह व्यक्ति सुरेश हम थे। Short Hindi Moral Stories

 

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