Best 11+Short Moral Stories In Hindi Kids Education

Short Moral Stories In Hindi

Best 11+ Short Moral Stories In Hindi:- 

1. भेड़ की चालाकी Short Moral Stories In Hindi

Short Moral Stories In Hindi

Moral Stories In Hindi

सूरजपुर गांव में एक किसान के पास शीलू नाम की एक भेड़ रहती थी . उस भेड़ के चार बच्चे थे . शीलू भेड़ अपने बच्चों से बहुत प्यार करती थी. वह हमेशा उन्हें दुलारती और प्यार करती रहती, लेकिन वह अंदर ही अंदर अपने प्यारे बच्चों को लेकर बहुत ही चिंतित भी रहती थी. क्योंकि किसान का घर जंगल के नजदीक ही था. शीलू को हमेशा यह डर सताता रहता कि कभी घूमते फिरते उसके बच्चे जंगल में ना चले जाए, क्योंकि जंगल में बहुत सारे जंगली जानवर रहा करते थे.

एक दिन शीलू भेड़ घास की तलाश में बहुत दूर चली गई और किसान भी खाने पीने की सामान खरीदने बाजार चला गया था, इस दौरान उसके सभी बच्चे अकेले हो गये थे. तभी शीलू भेड़ का एक बच्चा पड़ोस के लड़कों को आपस में बात करते सुना की जंगल में चारो तरफ बहुत ही हरी भरी घास फैला पड़ा हुआ है, भेड़ का बच्चा उनकी बातो को सुनकर हरे-भरे घासों के बारे में सोचने लगा और हरे-भरे घासों के नाम पर उसके मुंह में पानी आने लगा और बिना सोचे समझे घास की लालच में आकर वह जंगल की तरफ चल पड़ा .Short Moral Stories In Hindi

जंगल में जाते ही उसे लोमड़ियो ने चारों तरफ से घेर लिया और उसे मारकर खाने की योजना बनाने लगे. भेड़ का बच्चा लोमड़ियो से चारों तरफ घिरा हुआ देखकर बहुत ही डर गया. तभी शीलू भेड़ अपने बच्चे को ढूढते हुए जंगल की तरफ आती है, जिसे देखकर सभी लोमड़ि मन ही मन और अधिक खुश होते है और वे आपस में कहते है आज का दिन हमारे लिए बहुत ही खास है, आज मोटी-मोटी दो-दो बकरियां अपने आप हमारा भोजन बनने आ रही है.

जंगल में अपने बच्चे को लोमड़ियो से घिरा देखकर शीलू भेड़ घबराने के वजाय बहुत ही चालाकी व सूझबूझ के साथ लोमड़ियो के साथ मुकाबला करती है. Short Moral Stories In Hindi

शीलू भेड़ लोमड़ियो से कहती है कि अरे मैं तुम लोगों से एक बात बताना चाहती हूं, तुम क्या सोचते हो, मैं और मेरा यह बच्चा भूले भटके यहां पर आ गए है , नहीं ऐसा नहीं है, हम लोगों को यहां पर शेरराज ने बुलाया है, और यहीं पर इंतजार करने को बोला है . शेरराज आते ही होंगे. और यदि उनके आने से पहले तुम लोगों ने हमें खा लिया तो शेरराज तुम लोगों को जिंदा नहीं छोड़ेंगे .

लोमड़ी कहती है  – लेकिन शेरराज को पता कैसे चलेगा कि तुम दोनों को हम लोगों ने खाया है . शेरराज तो अभी यहाँ पर हैं ही नहीं .

शीलू भेड़ – अरे पागल, तुम लोग शेरराज को मूर्ख समझते हो क्या ? वह जंगल के राजा है, वह देखो उस छोर पर शेरराज ने हाथी को हम दोनों पर नजर रखने के लिए छोड़ गए हैं .

जबकि इनके बातो से अनजान दूर खड़ी हाथी पेड़ की डाली खा रही थी . हाथी को देख सभी लोमड़ी चिंतित हो गए और उन्होंने आपस में कहा कि इनको खा कर शेरराज से भला कौन दुश्मनी लेगा. और वहां से सभी लोमड़ी शेरराज के भय से भाग गए. इस प्रकार से शीलू भेड़ अपनी चालाकी और सूझबूझ से अपने और अपने बच्चे की जान बचा ली और वापस घर आ गई .

निष्कर्ष –  “इस कहानी से यह सिख मिलती है कि, किसी भी मुसीबत में घबरा कर भागने के वजाय समझदारी से मुसीबत का हल निकालना चाहिए.

 

2. सच्चे मित्र की धोखेबाजी Short Moral Stories in Hindi

 

3 . बूढी दादी और कल्लू कौवा Short Moral Stories In Hindi

Short Moral Stories In Hindi

Short Moral Stories In Hindi

रामपुर नाम का एक बहुत ही प्यारा गांव था. उस गांव का नाम जितना ही प्यारा था वह गांव भी उतना ही सुंदर था. गांव के बाहर एक बहुत बड़ा पीपल का वृक्ष था. वृक्ष सदियों पुराना था. उस वृक्ष पर बहुत सारे कौवों का झुण्ड रहता था.

रोज सुबह सूर्योदय होने से पहले सभी कौवे पेड़ से निकलकर अपने-अपने भोजन की तलाश में निकल जाते थे. उन सभी कौवों के बिच में एक कल्लू नाम का भी कौवा था. जो उन सबसे अलग मिजाज का था .

कल्लू कौवा अपने आप को बहुत ही समझदार व चालाक समझता था. सभी कौवे सूर्योदय होने से पहले उस वृक्ष को छोड़ अपने भोजन की तलाश में निकल जाते थे, लेकिन कल्लू कौवा सुबह देर तक सोता रहता था जब तक सूर्य की रोशनी उसे पूरी तरह प्रभावित ना कर दे . Short Moral Stories In Hindi

इसी प्रकार एक दिन सभी कौवे सूर्योदय से पहले अपने भोजन की तलाश में निकल गए और कल्लू कौवा सुबह 9:00 बजे तक आराम से सोता रहा. जब कल्लू कौवा को भूख लगी तो वह भी अपने भोजन की तलाश में निकल पड़ा. कल्लू कौवा काफी देर तक उड़ता रहा लेकिन उसे कुछ हाथ न लगा और भूख प्यास से व्याकुल होकर एक छत पर बैठ गया है.

तभी उसको अच्छी अच्छी पकवान बनने की खुसबू आयी. और वो खुशबू इतना स्वादिस्ट था की कल्लू कौवा नजरअंदाज नहीं कर सका. कल्लू कौवा उस पकवान की तलाश में चल पड़ा. कुछ देर घुमने के बाद उसे दिखा की एक बूढ़ी दादी गरमा गरम पुड़ी तल रही थीं. Short Moral Stories In Hindi

पुड़ी देखकर कल्लू के मुंह में पानी आ गया और वह बूढी दादी के तरफ आगे बढ़ा. तभी बूढ़ी दादी की नज़र कल्लू पर गई और बोलीं हे, कौवा वही से वापस चले जाओ नहीं तो उसी की तरह तुम्हें भी खंबे में बांध दूंगी. कल्लू कौवा दूसरे कौवे को खंभे में बंधा देख डर गया, वह सोचा जब तक बुढिया यहां से नहीं हटेगी पुड़ी मिलना असंभव है, यह सोचकर वह घर के पीछे चला गया और अपनी नुकीली चोच से रखे बर्तन को गिराने लगा .

बर्तन की झनझनाहट सुन बूढ़ी दादी जैसे ही घर के पीछे गई कल्लू कौवा एक पुड़ी अपने चोच में दबाये लेकर उड़ गया और खुशी के साथ उसी पीपल के वृक्ष पर बैठ गया. जैसे ही वह पुड़ी खाने वाला था तभी कल्लू पर एक कुत्ते की निगाह पहुची, कुत्ता ने मन ही मन कल्लू से पुड़ी हासिल करने की तरकीब बनाई.

अब क्या था, अपने तरकीब के अनुसार कुत्ते ने कल्लू कौवा की प्रशंसा करना शुरू कर दिया. कुत्ता बोला- कल्लू कौवा, राजा के समान रहता है, वह सभी कौवों में से सबसे समझदार कौवा है, आराम से सुबह देर तक सोता है, फिर भी अच्छा अच्छा भोजन की व्यवस्था कर लेता है .Short Moral Stories In Hindi

कल्लू कौवा अपनी तारीफ सुनकर फूले नहीं समा रहा था और जैसे ही अपनी तारीफ में हाँ में हाँ मिलाने के लिए अपना  मुंह खोला पुड़ी उसकी चोच से नीचे गिर गई. पुड़ी नीचे गिरते ही कुत्ते ने पुड़ी को अपने मुंह में दबाया और लेकर फरार हो गया. अब कल्लू कौवा अपने मुर्खता पर पछता रहा था .

निष्कर्ष – विपक्षी द्वारा अपनी प्रशंसा करने पर कभी भी अपने आप पर इतराना नहीं चाहिए बल्कि समझदारी व शांत  ढंग से उनकी नियत एवं चाल पर विचार करना चाहिए.

 

4 . नौकरानी की बेटी व जादुई कंगन Short Moral Stories In Hindi

Short Moral Stories In Hindi

Shart Moral Stories In Hindi

शीतल एक अनाथ लड़की थी बचपन में ही उसके माता पिता उसे छोड़कर परलोक सिधार चुके थे. शीतल का इस दुनिया में कोई नहीं था शिवाय उसके एक मौसी के उसी मौसी ने उसका लालन-पालन किया .मौसी भी अपने घर की अकेली थी और उसके आय का कोई स्रोत नहीं था.

मौसी पूरा दिन लोगों के घर जाकर झाड़ू पोछा करती थी और उससे जो कुछ भी मिलता अपना और शीतल का भरण पोषण करती थी . कुछ दिन तक सब कुछ ठीक-ठाक चलता रहा, लेकिन मौसी के उम्र और समय के अनुसार मौसी की तबियत ख़राब रहने लगी और मौसी ने धीरे-धीरे बिस्तर पकड़ लिया . Shart Moral Stories In Hindi

मौसी की यह हालत देख शीतल ने तय किया कि अब मौसी की जगह लोगों के घर -घर जाकर झाड़ू पोछा करेगी. शीतल ने अपनी बात मौसी को बताई की मौसी अब आप की जगह मै लोगों के घर जाकर झाड़ू पोछा के काम करूंगी लेकिन मौसी ने कहा नहीं बेटी तुम्हें पढ़ाई लिखाई करनी है, आगे बढ़ना है.

यह सुन शीतल कहती है, वह तो ठीक है मौसी, लेकिन हम काम नहीं करेंगे तो खाएंगे कैसे इस बात पर मौसी के पास कोई जवाब नहीं था. अगले दिन शीतल अपनी मालकिन से जाकर अपनी मौसी की तबीयत के बारे में बताया और आग्रह किया कि मौसी के जगह पर उसे काम करने दिया जाए. मालकिन तैयार हो गयी, लेकिन कड़े शब्दों में चेताया कि काम ठीक-ठाक से करना नहीं तो पैसे नहीं मिलेंगे.Short Moral Stories In Hindi

शीतल बात को समझ गई, शीतल इतना सुनते ही काम करना शुरू किया उसने झाड़ू पोछा लगाई बर्तन धोये फिर कपड़े धोये और मालकिन से कुछ पैसे लिया और वापस घर को चल दी . घर पहुंचकर मौसी को पैसे दिए, खाना खाई और काम करने के दौरान थक जाने से जल्दी ही सो गयी .

शीतल जैसे ही सुबह उठी उसने देखा कि स्कूल से मिले होमवर्क नहीं कर पाए थी, क्योंकि काम करने की वजह से थकान के कारण जल्दी नींद आ गई थी फिर अगले दिन काम पर गई झाड़ू पोछा मारी बर्तन, कपड़ा साफ किया घर वापस आई और खाना खाया और थकान के कारण जल्दी सो गई .

इस प्रकार शीतल की पढ़ाई छुटने लगी और वह काफी चिंतित हो गई, उसके आगे पढाई जारी रखने का कोई दूसरा उपाय नहीं दिख रहा था, ऐसे में उदास होकर उसने भगवान को याद किया और अपनी समस्या सुना कर भगवान से समस्या से बाहर निकालने की विनती लगाई फिर पुनः शीतल काम के लिए निकल पड़ी .

शीतल घर से कुछ दूर ही निकली थी की रास्ते में उसे कुछ चमकती हुई वस्तु दिखाई दी, शीतल जैसे ही उस वस्तु के पास पहुंची उसने देखा की वहां एक चमचमाती हुई कंगन गिरा पड़ा था. शीतल ने कंगन को अपने हाथ में डाला और आगे बढ़ गई .Short Moral Stories In Hindi

मालकिन के घर पहुंचने के बाद उसने देखा कि बहुत सारे बर्तन और कपड़े के ढेर लगे हुए थे, उसने मन ही मन कहा काश ये बर्तन और कपड़े अपने आप साफ हो जाते, तभी कंगन से झनझनाहट की आवाज आई और बर्तन व कपड़े अपने आप साफ होने लगे. यह देख शीतल चौक गयी. इसी प्रकार सभी काम को ऐसे ही कहती और कंगन की वजह से सभी काम अपने आप हो जाते.

शीतल की खुशी का ठिकाना नहीं रहा खुशी के मारे वह फुले नहीं समा रही थी जल्दी -जल्दी घर के सभी कार्यो को कर  मलकिन से पैसे लेकर मौसी के पास पहुची. घर पहुचने के बाद सारी बात मौसी को बताई. मौसी पूरी बात जानने के बाद शीतल को गले से लगाया और उसे समझाया की, जो इंसान सच्चे दिल का होता है जिसका कोई नहीं होता उसका भगवान होता है, और वह वैसे इंसानों का हमेशा साथ देता है.और दोनों खुशी पूर्वक रहने लगे और इस प्रकार शीतल की पढ़ाई वापस समय पर से होने लगी .Short Moral Stories In Hindi

निष्कर्ष – सच्चे और साफ दिल के इंसान को भगवान भी सदैव साथ देतें है. किसी ने सही कहा है जिसका कोई नहीं होता उसका भगवान होता है.

 

5. Short Stories In Hindi For Kids मां की ममता

 

6. कुत्ते की लालच Short Moral Stories In Hindi

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Short Moral Stories In Hindi

एक छोटे से गांव में एक किसान रहता था. उसके पास एक पालतू कुत्ता था जिसका नाम टॉमी था. टॉमी किसान का बहुत ही वफादार था. किसान जब भी खेत और बाहर के कार्यों को निपटाकर आता टॉमी प्यार से उसके ऊपर कूदने लगता व लिपटकर प्यार करता .किसान भी टॉमी से बहुत प्यार करता था और जब भी कहीं बाहर से आता उसे कुछ न कुछ खाने को जरूर लाता .

एक दिन किसान को अनाज बेचने बाजार में जाना था किसान अनाज को बाजार ले जाने के चक्कर में टॉमी कुत्ते को कुछ खिला ना सका और वह अपने गाड़ी में अनाज भरकर बाजार जाने लगा. किसान को बाज़ार जाते देख टॉमी गाड़ी के पीछे भागने लगा.Short Moral Stories In Hindi

किसान ने उसे समझाकर वापस जाने को कहा लेकिन टॉमी नहीं माना, टॉमी जैसे ही कुछ दूर आगे बढ़ा उसे सड़क पर पड़ा एक हड्डी दिखाई पड़ा. हड्डी देख गाड़ी के पीछे भागना छोड़ उस हड्डी पर झपट्टा मार और अपने मुंह में दबा लिया. उसने सोचा इस हड्डी को खाने से पहले नदी में धूल लूं और वही किनारे पेड़ की छांव में आराम से बैठ कर खा लूंगा और हड्डी मुंह में दबाए नदी के तरफ चल दिया.

जैसे ही हड्डी को धुलने के लिए नदी में जाकर झांका नदी में उसे अपनी ही परछाई दिखाई दी परछाई देख उसने सोचा शायद इस नदी में भी एक हड्डी है जिसको किसी कुत्ते ने मुंह में दबाया है, उसने मन ही मन सोचा कि यदि मैं खूब जोर लगा कर भौकना शुरू करूँ तो शायद पानी के अंदर बैठा कुत्ता डर कर मुझे अपनी हड्डी दे देगा, और मेरे पास 2-2 हड्डी हो जाएगा .

यह सोच कर जैसे ही उसने भोकने के लिए अपना मुह खोला उसकी हड्डी नदी में गिर गई और 2-2 हड्डी पाने की फिराक में मुर्खता कर बैठा और अपनी भी हड्डी उस पानी में गवा दिया . Short Moral Stories In Hindi

अब लालची कुत्ता अपना भी हड्डी नदी में गंवा चुका था और वह अपनी लालच और मुर्खता पर पछता रहा था .

निष्कर्ष – लालच बुरी बला है, हमें किसी दूसरे की वस्तु पर लालच नहीं दिखानी चाहिए.

 

7. दो शेरो की दोस्ती Short Moral Stories In Hindi

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एक घने जंगल में दो शेर रहते थे।  एक बूढ़ा शेर व दूसरा जवान शेर।  उन दोनों शेरों में बहुत ही गहरी मित्रता थी। उस पूरे जंगल में उन्ही  दो शेरो का राज चलता था। जंगल के बाकी सभी जानवरों में उन दोनों शेरों का डर रहता था। ये दोनों शेर जंगल के जिस तरफ जाते जंगल का क्षेत्र पूरी तरह शांत और खाली हो जाता।

इन दोनों शेरो की मित्रता देख जंगल के सभी जानवर बहुत जलते थे। क्योंकि इन दोनों शेरो को एक साथ होने से जंगल में किसी दूसरे जानवरो का राज नहीं चल पाता।

एक बार किसी गलतफहमी को लेकर दोनों शेरो के बीच अलगाव हो गई। दोनों शेरों का अलगाव देख जंगल के सभी जानवर बहुत खुश हुए। क्योंकि दोनों शेरो के अलगाव से अब जंगल में बाकि जानवरो को भी अपना राज और हुकूमत चलाने का मौका मिला था। जंगल में बूढ़ा शेर से अब कोई नहीं डरता, क्योंकि वह बलहीन हो गया था।

जबकि जवान शेर का खौफ अभी भी कुछ हद तक जंगल में बना हुआ था। एक दिन बूढ़ा शेर घूमते- घूमते जंगल के दूसरी तरफ निकल गया।बूढ़ा शेर को अकेले जंगल के उस तरफ देख जंगली कुत्तों को बूढ़े शेर पर वार करने का मौका मिल गया। Short Moral Stories In Hindi

उस बूढ़े शेर को 20 से 25 जंगली कुत्तों ने घेर लिया। और उस बूढ़े शेर को भौंकने व काटने लगे। यह देख बूढ़ा शेर घबरा गया। लेकिन फिर भी उन कुत्तों पर झपटता रहा।

तभी अचानक वहां जवान शेर आ गया। जिसे देख सभी कुत्तों के होश उड़ गए। जवान शेर जंगली कुत्तों पर टूट पड़ा। सभी जंगली कुत्ते दुम दबाकर भाग खड़े हुए।

यह देख वहां मौजूद हिरण ने जवान शेर से बोला ! तुमने उस बूढ़े शेर को क्यों बचाया ? वह तो तुम्हारा दुश्मन है।

जवान शेर बोला – “हमारा रिश्ता कमजोर जरूर है, लेकिन इतना भी कमजोर नहीं कि कुत्ते उसका फायदा उठाएं।” शेर की यह बातें सुन हिरन सिर झुका कर वहां से निकल लिया।

 

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